आस्था के केंद्र बंधवा तालाब में जा रहा दूषित पानी :- श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

 

नारायणपुर। शहर के मध्य स्थित लगभग 52 एकड़ में फैला ऐतिहासिक बंधवा तालाब इन दिनों गंभीर प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। स्थानीय रहवासियों द्वारा घरों का दूषित पानी तालाब में जाने से इसकी स्वच्छता प्रभावित हो रही है, जिससे लोगों में चिंता और नाराजगी बढ़ रही है।
बंधवा तालाब केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि नारायणपुर की धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं का प्रमुख केंद्र है। तालाब परिसर में भगवान भोलेनाथ का प्राचीन शिव मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। आने वाले सावन माह और सोमवार के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है।
तालाब के समीप मुक्तिधाम भी स्थित है, जहां अंतिम संस्कार के बाद विभिन्न समाजों की परंपराओं के अनुसार परिजन मृत आत्मा की शांति के लिए लगातार 3 दिन अथवा 10 दिनों तक तालाब में स्नान करते हैं। ऐसे में दूषित पानी के कारण धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तालाब में गंदे पानी की निकासी पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए तथा नगर पालिका और संबंधित विभागों को इसकी नियमित सफाई एवं संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। लोगों का मानना है कि शहर की इस ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बंधवा तालाब में जा रहे दूषित पानी की जांच की जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था, पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल

 

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