
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
बंदूक छोड़ी, राखी थामी—बस्तर में विश्वास की नई कहानी
🔷*हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा से जुड़ी बहनों ने बांधी डीआरजी जवानों को राखी*
🔷 *डीआरजी परिसर में छलका अपनत्व और विश्वास— पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधिकारियों की कलाई पर भी सजा रक्षा-सूत्र*
🔷 *रक्षाबंधन के पावन पर्व ने दिया शांति, विश्वास और बदलते बस्तर का संदेश*
भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास एवं सुरक्षा के संकल्प का पावन पर्व रक्षाबंधन आज नारायणपुर पुलिस के डीआरजी परिसर में अत्यंत आत्मीय एवं भावनात्मक वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर हिंसा और नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ी आत्मसमर्पित महिला माओवादियों ने डीआरजी जवानों की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को एक नया और भावनात्मक स्वरूप दिया।
राखी के इस पवित्र बंधन ने केवल जवानों की कलाई को ही नहीं सजाया, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और अपनत्व के उस रिश्ते को भी मजबूत किया, जो बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। कभी बंदूक और हिंसा के साये में जीवन बिताने वाली ये बहनें आज पुलिस परिवार के साथ प्रेम, सम्मान और विश्वास का पर्व मना रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय साबद्रा, श्री अजय कुमार एवं श्री ऐश्वर्य चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय सिंह, श्री अविनाश कंवर, श्री मनोज मंडावी एवं श्री आशीष नेताम, रक्षित निरीक्षक श्री मोहसिन खान तथा थाना प्रभारी नारायणपुर श्री विनीत दुबे की कलाई पर भी रक्षा-सूत्र बांधकर उनके प्रति अपना स्नेह एवं विश्वास व्यक्त किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल सहित उपस्थित सभी अधिकारियों एवं जवानों ने बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं तथा उनके सुरक्षित, सम्मानजनक एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान पुलिस परिवार और आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों के बीच आत्मीय संवाद एवं अपनत्व का एक सुंदर दृश्य देखने को मिला।
पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों को सम्मान और अपनत्व देना तथा उनके जीवन में नई उम्मीद जगाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नारायणपुर पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ समाज में विश्वास और भाईचारे के वातावरण को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
डीआरजी परिसर में मनाया गया यह रक्षाबंधन पर्व बदलते बस्तर की उस नई तस्वीर का प्रतीक बना, जहां कभी हिंसा और भय की पहचान वाले रास्तों पर आज विश्वास, शांति और विकास की नई किरण दिखाई दे रही है। आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों द्वारा जवानों और पुलिस अधिकारियों को राखी बांधने का यह भावनात्मक पल इस बात का संदेश है कि विश्वास और अपनत्व की डोर, हिंसा के हर रास्ते से कहीं अधिक मजबूत होती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए शांति, सुरक्षा, भाईचारे और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल












