दुर्गम अबूझमाड़ में 29 वीं वाहिनी आईटीबीपी का मानवीय अभियान, 5 वर्षीय बच्ची को कठिन रास्तों से सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟦 जिला – नारायणपुर

दुर्गम अबूझमाड़ में 29वीं वाहिनी आईटीबीपी का मानवीय अभियान, 5 वर्षीय बच्ची को कठिन रास्तों से सुरक्षित पहुंचाया अस्पताल

नारायणपुर, 1 अगस्त 2026। अबूझमाड़ के अतिदुर्गम क्षेत्र में 29वीं वाहिनी आईटीबीपी ने एक बार फिर मानवता और सेवा का परिचय देते हुए गंभीर रूप से बीमार 5 वर्षीय बच्ची जैनी को सुरक्षित रेस्क्यू कर समय पर उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कुमनार निवासी लच्छू की 5 वर्षीय पुत्री जैनी को 27 जुलाई से एनल रूट से लगातार रक्तस्राव (ब्लीडिंग) की समस्या थी। ऑपरेशन डी-माइनिंग के दौरान आईटीबीपी जवानों को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद मौके पर बच्ची का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आईटीबीपी के चिकित्सकों ने ओरछा स्थित चिकित्सक डॉ. रिशु पाल सारंगल से परामर्श लिया। जांच के बाद बच्ची की स्थिति गंभीर पाई गई और उसे तत्काल ओरछा अस्पताल रेफर किया गया।
हालांकि लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण तत्काल निकासी संभव नहीं हो सकी। इस दौरान 27 जुलाई से 1 अगस्त तक आईटीबीपी के मेडिक्स प्रतिदिन सुबह और शाम बच्ची के घर पहुंचकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करते रहे। उसके वाइटल साइन की लगातार निगरानी की गई तथा आवश्यक प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
मौसम में सुधार होने पर 1 अगस्त को 29वीं वाहिनी आईटीबीपी ने विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया। उप निरीक्षक (GD) मोहन चंद जोशी के नेतृत्व में एक अधिकारी, आठ जवान और एक मेडिक्स की टीम बच्ची को सुरक्षित निकालने के लिए रवाना हुई।
रेस्क्यू टीम ने कुमनार सीओबी से पहले पैदल और फिर पांच मोटरसाइकिलों के माध्यम से दुर्गम जंगल, कच्चे एवं फिसलन भरे रास्तों, खड़ी चढ़ाइयों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों को पार किया। कुडमेल के पास पुल बह जाने के कारण जवानों को लगभग 70 से 100 मीटर चौड़े नाले को करीब साढ़े तीन फीट बहते पानी में पैदल पार करना पड़ा। सभी लकड़ी के लॉग ब्रिज को सावधानीपूर्वक पार करते हुए टीम लगातार आगे बढ़ती रही।
करीब शाम 6 बजे टीम ओरछा पहुंची, जहां ओरछा नाला के पास आईटीबीपी की एम्बुलेंस ने बच्ची को रिसीव किया और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ओरछा पहुंचाया। वहां चिकित्सकीय जांच में बच्ची के सभी वाइटल साइन स्थिर पाए गए। इसके बाद शाम 7 बजे उसे बेहतर उपचार के लिए आईटीबीपी एम्बुलेंस से जिला अस्पताल नारायणपुर रेफर किया गया।
पूरे अभियान के दौरान आईटीबीपी ने सुरक्षा के मद्देनजर रूट डोमिनेशन एवं एरिया सैनिटाइजेशन भी किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद जवानों ने साहस, संवेदनशीलता और समर्पण का परिचय देते हुए बच्ची को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

🟪 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल

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