
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की मानवीय पहल: दुर्गम जंगलों से गर्भवती महिला का सफल रेस्क्यू, सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया
जिला–नारायणपुर, दिनांक: 24 जुलाई 2026
53वीं वाहिनी, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के सेनानी श्री संजय कुमार के मार्गदर्शन में मानवता एवं जनसेवा का उत्कृष्ट परिचय देते हुए, छत्तीसगढ़ पुलिस के सहयोग से एक गर्भवती महिला का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित अस्पताल पहुँचाकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
वाहिनी को एक स्थानीय पत्रकार के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम धुरबेड़ा निवासी श्रीमती सुधी मंडावी (उम्र 22 वर्ष), धर्मपत्नी लालसू मंडावी, जो लगभग 07 माह की गर्भवती हैं, को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण गाँव तक पहुँचने वाले मार्ग पूरी तरह कीचड़युक्त एवं अत्यंत दुर्गम हो चुके थे, जिससे महिला को समय पर अस्पताल पहुँचाना संभव नहीं हो पा रहा था।
सूचना मिलते ही 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की सीओबी कोड़ेनार एवं अडिंगपार से अलग-अलग 02 टीमें तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए रवाना की गईं। जवानों ने विपरीत मौसम, दुर्गम जंगल, फिसलन भरे पहाड़ी रास्तों तथा उफनते नालों जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए गाँव धुरबेड़ा तक पहुँच बनाई।
इसके बाद श्रीमती सुधी मंडावी को अत्यंत सावधानीपूर्वक सुरक्षित निकालकर स्ट्रेचर की सहायता से कई किलोमीटर पैदल लाते हुए सड़क मार्ग तक पहुँचाया गया। तत्पश्चात भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की फील्ड हॉस्पिटल कुतुल के माध्यम से निकटतम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षा बल केवल देश की आंतरिक सुरक्षा के प्रहरी ही नहीं, बल्कि दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के जीवन की रक्षा और हर संकट की घड़ी में उनकी सहायता के लिए भी सदैव तत्पर रहते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने सेनानी श्री संजय कुमार की इस त्वरित एवं मानवीय कार्रवाई की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। यह सफल रेस्क्यू अभियान सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास, सहयोग एवं आत्मीयता के संबंधों को और अधिक मजबूत करने वाला साबित हुआ।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल













