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*अबूझमाड़ में 29वीं आईटीबीपी का मानवीय अभियान :- *बीमार महिला को स्ट्रेचर पर लेकर दुर्गम रास्ते से निकले जवान, बारिश-नालों के बीच जारी रहा रेस्क्यू अभियान*

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

 

*अबूझमाड़ में 29वीं आईटीबीपी का मानवीय अभियान* :-
*बीमार महिला को स्ट्रेचर पर लेकर दुर्गम रास्ते से निकले जवान, बारिश-नालों के बीच जारी रहा रेस्क्यू अभियान*

 

दिनांक 03 सितंबर 2026

अबुझमाड़ क्षेत्र में 29वीं वाहिनी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के अत्यंत दुर्गम एवं सड़कविहीन इलाकों में स्थानीय ग्रामीणों की सहायता एवं मानवीय सेवा के प्रति निरंतर तत्परता का परिचय दिया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 03 सितंबर 2026 को ग्राम दिवालूर की 51 वर्षीय महिला श्रीमती बुदरी मंडावी, पत्नी श्री बिज्जा मंडावी, की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की सूचना प्राप्त होने पर ITBP द्वारा तत्काल रेस्क्यू एवं चिकित्सा निकासी अभियान चलाया गया।

दिनांक 03 सितंबर को प्रातः लगभग 0900 बजे मरीज के पति सहित तीन ग्रामीण पैदल दिवालूर COB पहुंचे और उन्होंने ITBP जवानों को बताया कि श्रीमती बुदरी मंडावी पिछले लगभग 17 दिनों से लगातार बुखार से पीड़ित थीं तथा पिछले 12 दिनों से केवल तरल आहार पर थीं और अत्यधिक कमजोर हो चुकी थीं।

सूचना प्राप्त होते ही इंस्पेक्टर शिव प्रताप ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल एवं रेस्क्यू पार्टी को मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु ग्राम दिवालूर भेजा , कुल 16 सदस्यीय दल तत्काल पैदल ग्राम दिवालूर पहुंचा।

क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश, अत्यधिक कीचड़ एवं फिसलन तथा सड़क के पूर्णतः गैर-मोटरेबल होने के कारण मरीज को स्ट्रेचर के माध्यम से पैदल दिवालूर COB तक लाकर मरीज को प्राथमिक उपचार दिया गया तथा मेडिक द्वारा उसकी चिकित्सकीय जांच की गई। उस समय उसके जीवन-रक्षक मानक लगभग सामान्य पाए गए।

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आगे के उपचार एवं चिकित्सकीय परीक्षण के लिए दिवालूर COB से बोतेर COB/ओरछा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर स्ट्रेचर से पैदल रवाना किया गया।

दुर्गम मार्ग में लगातार बारिश, फिसलन एवं अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद ITBP दल ने मरीज को सुरक्षित रूप से आगे ले जाने का प्रयास जारी रखा। मार्ग में आने वाले दो लॉग ब्रिज पार किए गए तथा लगभग 2–3 फीट जलस्तर वाले नालों को भी सावधानीपूर्वक पार करते हुए मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाया गया। पूरे अभियान के दौरान मेडिकल स्टाफ द्वारा मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।

लगभग 1.30 बजे, बोतेर पहुंचने से करीब एक घंटे पूर्व, मेडिकल स्टाफ द्वारा मरीज की पुनः जांच की गई। मरीज ने स्थानीय भाषा में एक शिकायत व्यक्त की, जिसे उसके पति ने समझकर उसे सहारा दिया। इसके बाद मरीज ने पानी की एक घूंट ली और पुनः स्ट्रेचर पर लेट गई। चिकित्सा सुविधा तक शीघ्र पहुंचाने की आवश्यकता को देखते हुए दल ने लगातार बारिश एवं कठिन रास्ते के बावजूद आगे की यात्रा जारी रखी।

लगभग 2.30 बजे, बोतेर COB पहुंचने से पहले मरीज की पुनः चिकित्सकीय जांच की गई, जिसमें उसके जीवन-रक्षक संकेत उपलब्ध नहीं पाए गए तथा मरीज की मृत्यु हो चुकी थी। बोतेर COB निकट होने के कारण ITBP दल मरीज को लेकर आगे बढ़ता रहा और लगभग 02.40 बजे बोतेर COB पहुंचा।

बोतेर COB पहुंचने के बाद मामले की जानकारी एवं आगे की कार्रवाई के संबंध में COB कमांडर से चर्चा की गई। मरीज के पति को स्थिति से अवगत कराया गया। उन्होंने अपनी इच्छा व्यक्त की कि वे अपनी पत्नी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार हेतु अपने पैतृक ग्राम ले जाना चाहते हैं।

उनकी इच्छा के अनुरूप 03 एसओ, 24 अन्य कार्मिक एवं 01 मेडिक सहित कुल 27 सदस्यीय ITBP दल मरीज के पार्थिव शरीर को स्ट्रेचर पर लेकर उसी दुर्गम मार्ग से ग्राम दिवालूर के लिए पैदल रवाना हुआ। लगातार बारिश, कीचड़, फिसलन एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दल ने पार्थिव शरीर को सुरक्षित रूप से ग्राम तक पहुंचाया तथा लगभग शाम 6.5 बजे ग्राम दिवालूर पहुंचकर पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंप दिया।

यह पूरा अभियान 29वीं वाहिनी ITBP द्वारा दुर्गम एवं अत्यंत पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी, तत्परता एवं सेवा भावना का उदाहरण है। क्षेत्र में सीमित चिकित्सा एवं परिवहन सुविधाओं के बावजूद आईटीबीपी के जवान स्थानीय ग्रामीणों की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहते हैं। सूचना मिलते ही बल के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी ग्रामीणों तक पहुंचकर उन्हें आवश्यक सहायता एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।

29वीं वाहिनी आईटीबीपी का यह प्रयास सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय सेवा और ग्रामीणों के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में निरंतर जारी रहेगा।

🟪 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल

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