
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
*नारायणपुर के पारंपरिक उत्पादों को मिलेगी GI टैग की पहचान*
*वैज्ञानिकों ने कच्चापाल और कुतुल में किया विस्तृत स्थलीय अध्ययन*
नारायणपुर, 15 जुलाई 2026 // कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में नारायणपुर जिले के पारंपरिक कृषि एवं वन उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में 13 जुलाई को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के वैज्ञानिकों के दल ने ओरछा विकासखंड के कच्चापाल एवं कुतुल ग्रामों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय उत्पादों का वैज्ञानिक अध्ययन किया।
निरीक्षण का उद्देश्य जिले की विशिष्ट पारंपरिक कृषि एवं वन उपज के वैज्ञानिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं का दस्तावेजीकरण कर GI टैगिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था। इस दौरान स्थानीय किसानों द्वारा पीढ़ियों से संरक्षित लिटिल मिलेट (कोदो/कोसरा) की विशिष्ट किस्में काली कोसरा एवं पीली अर्क, साथ ही वनों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तीखुर का गहन अध्ययन किया गया।
वैज्ञानिकों ने इन उत्पादों की विशिष्ट गुणवत्ता, पारंपरिक खेती की पद्धतियों, स्थानीय बीजों की विशेषताओं, उत्पादन प्रणाली, भौगोलिक परिस्थितियों तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व का सूक्ष्म परीक्षण किया। साथ ही स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों से संवाद कर इन उत्पादों से जुड़े पारंपरिक ज्ञान, अनुभव और संरक्षण की स्थानीय पद्धतियों का भी संकलन किया गया।
स्थलीय निरीक्षण के उपरांत कलेक्टर नम्रता जैन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वैज्ञानिक दल ने फील्ड विजिट के दौरान प्राप्त प्रमुख निष्कर्षों एवं अवलोकनों को प्रस्तुत किया। इस दौरान GI टैगिंग की प्रक्रिया, आवश्यक वैज्ञानिक एवं विधिक दस्तावेजों की तैयारी, उत्पाद चयन के मानदंड, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर GI पंजीकरण की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
GI टैग प्राप्त होने से नारायणपुर के पारंपरिक कृषि एवं वन उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होने, उत्पादों का मूल्य संवर्धन बढ़ने, ग्रामीणों की आय एवं आजीविका को मजबूती मिलने के साथ-साथ जिले की समृद्ध जैविक, पारंपरिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा एवं डॉ. परमिंदर सिंह सैनी, कृषि विज्ञान केंद्र, नारायणपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. दिव्येंदु दास, कृषि महाविद्यालय, नारायणपुर के डॉ. जी.पी. भास्कर एवं डॉ. पुष्पेंद्र पैकरा, कृषि विभाग के सहायक संचालक श्री लोकनाथ भोयर, उद्यानिकी विभाग के श्री जितेश कुमार देहरी, सहायक परियोजना अधिकारी श्री पवन सिंह, नीति आयोग के फेलो श्री राहुल कुशवाहा एवं सुश्री अर्पिता माजी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल













