
*53वीं वाहिनी आईटीबीपी के जवानों ने पेश की मानवता की मिसाल ;- भारी बारिश के बीच रास्ता बनाकर 15 गांवों के 1200 ग्रामीणों को दी बड़ी राहत*
नारायणपुर जिले के अत्यंत दुर्गम इलाके में स्थित कुतुल-धोबे एक्सिस पर 53वीं वाहिनी ITBP के जवानों ने मानवता और सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण आदिंगपार और कोडेनार गांव के बीच का कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ और मलबे से भर गया था। सड़क पर गहरे गड्ढे हो जाने के कारण स्थानीय राहगीरों और ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था।ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभाला। सेनानी 53वीं वाहिनी श्री संजय कुमार के मार्गदर्शन से , सीओबी (COB) आदिंगपार से सहायक कमांडेंट आज़ाद सिंह के नेतृत्व में ई समवाय 53वीं बटालियन ITBP के जवानों ने विपरीत परिस्थितियों और भारी बारिश के बीच खुद फावड़े और औजार थाम लिए। जवानों की अथक मेहनत और लगन से इस कच्चे रास्ते की मरम्मत कर इसे एक बार फिर सुरक्षित और सुचारू रूप से चलने लायक बना दिया गया है।”सेवा के साथ सुरक्षा” का संकल्प नारायणपुर के इन धुर नक्सल प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबल न केवल नक्सलवाद का खात्मा कर रहे हैं, बल्कि ‘सेवा के साथ सुरक्षा’ की भावना से भी काम कर रहे हैं। जवानों का यह प्रयास यह साबित करता है कि उनका मकसद सिर्फ सुरक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि अंदरूनी इलाकों में जन-सेवा की भावना के साथ ग्रामीणों के सुख-दुख का साथी बनना भी है।
15 गांवों का संकट हुआ दूर
इस मुख्य मार्ग के बहाल होने से क्षेत्र के लगभग 15 गांवों के 1200 से अधिक लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा। अब अड़िंगपार, धुरबेड़ा, गुमरका, मडौडा, तोयामेटा, कोड़पार, कुमराड़ी और कोड़सामारका जैसे कई अंदरूनी गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं से दोबारा जुड़ गया है।संकट की इस घड़ी में जवानों द्वारा दिखाई गई त्वरित तत्परता और इस मानवीय कार्य के लिए सभी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने सुरक्षाबलों के जवानों और जिला प्रशासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल













