मानवता की मिसाल: आईटीबीपी सी. ओ. बी. एडजूम कैंप पहुंचा सर्पदंश पीड़िता, जवानों के त्वरित प्राथमिक उपचार से बची जान

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟦 जिला – नारायणपुर

नारायणपुर अबुझमाड़: छत्तीसगढ़ के अत्यंत दुर्गम और

माओवादी प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी (ITBP)

के जवानों ने मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की है।

आज COB (कंपनी ऑपरेटिंग बेस) एडजुम ITBP में एक सर्पदंश (Snake Bite) का मामला सामने आया, जिसमें लगभग 17 वर्ष की एक लड़की जंगल क्षेत्र में कार्य करते समय सर्पदंश का शिकार हो गई। घटना के तुरंत बाद उसे प्राथमिक उपचार हेतु नजदीकी COB (कंपनी ऑपरेटिंग बेस) एडजुम लाया गया।
COB एडजुम में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों एवं उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों द्वारा उसे तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया।
मामले को संज्ञान में आते ही COB कमांडर, निरीक्षक जीडी नरेंद्र यादव द्वारा तुरंत कमांडेंट रोशन सिंह असवाल (38वीं वाहिनी) को दूरभाष के माध्यम से सूचित किया गया, जिनके दिशानिर्देशानुसार मरीज को तत्काल सीएचसी भेजने के निर्देश दिए गए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ओरछा सीएचसी से तत्काल संपर्क स्थापित किया गया, किंतु वहाँ एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण समय की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों एवं सीजीपी रैप द्वारा, जिसका नेतृत्व हेड कॉन्स्टेबल सुकलू राम कोराम कर रहे थे, मरीज को बिना विलंब के सुरक्षित रूप से मोटरसाइकिलों के माध्यम से ओरछा सीएचसी के लिए रवाना किया गया।
इस पूरे कार्य में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई की गई, जिससे समय पर उपचार संभव हो सका।
मरीज की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उसे आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। संबंधित अधिकारियों द्वारा पूरे मामले में तत्परता से कार्रवाई की गई, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित हुआ। मरीज की स्थिति पर सहायक सैनानी (ओसी ओप्स) श्री उदित नारायण द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) द्वारा आम नागरिकों से अपील की जाती है कि जंगल क्षेत्रों में कार्य करते समय सावधानी बरतें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सुरक्षा बलों से संपर्क करें।

🟦 चीफ एडिटर –  डे नारायण सिंह बघेल

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