Breaking News
घरेलू विवाद में पिता की हत्या करने वाली आरोपी युवती गिरफ्तार मसपुर-गुडरापाल जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता —- हथियार बीजीएल लॉन्चर, बीजीएल गन , 12 बोर राइफल एवं गोला बारूद सहित सामग्री जब्त पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर नारायणपुर में एकदिवसीय सांकेतिक धरना 41वीं वाहिनी आईटीबीपी  द्वारा अबूझमाड़ क्षेत्र (सी०ओ०बी०) कुतुल जिला-नारायणपुर में कलस्टर खेल प्रतियोगिता का सफल आयोजन 41 वीं वाहिनी आईटीबीपी के जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता, सेवा एवं राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया पहुंच विहीन इलाका ग्राम कोडोली पंचायत करमरी में लगा माड मैत्री चौपाल एवं विधिक जागरूकता शिविर

नक्सलवाद के अंत के साथ स्वास्थ्य सेवा का सम्मान, सरकार ने जारी की लंबित सीआरएमसी राशि

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

*नक्सलवाद के अंत के साथ स्वास्थ्य सेवा का सम्मान, सरकार ने जारी की लंबित सीआरएमसी राशि*

नारायणपुर। लंबे समय से लंबित सीआरएमसी राशि को लेकर दिसंबर 2025 में डॉक्टरों, नर्सों, एएनएम और आरएमए द्वारा किए गए आंदोलन के बाद जारी हुए आदेश के बावजूद केवल 6 माह की राशि का ही भुगतान किया गया था, जबकि उस समय कुल 15 माह का भुगतान लंबित था। इस आंशिक भुगतान के कारण स्वास्थ्यकर्मियों में असंतोष बना हुआ था।

इसी मुद्दे को लेकर 19 मार्च 2026 को डॉ हिमांशु सिन्हा, डॉ धनराज सिंह दड़सेना एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएँ के संचालक श्री संजीव झा तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक श्री रणबीर शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया और शेष लंबित राशि के भुगतान की मांग की गई।

इसके बाद 30 मार्च 2026 को नारायणपुर जिले में लगभग 5 से 6 माह की अतिरिक्त CRMC राशि का भुगतान कर दिया गया, जिससे नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में निरंतर सेवा दे रहे डॉक्टरों, नर्सों, एएनएम और आरएमए को बड़ी राहत मिली है।गौरतलब है कि इसी राशि के लिए पिछले साल नक्सल पोस्टमार्टम भी रोका गया था ।

बस्तर संभाग डॉक्टर एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. हिमांशु सिन्हा ने इसे सरकार की सकारात्मक पहल बताया है। उनका कहना है कि एक ओर जहाँ राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के अंत की दिशा में कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को उनकी लंबित प्रोत्साहन राशि देकर उनका मनोबल भी बढ़ा रही है।
साथ ही इसे बस्तर संभाग के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की एकजुटता की जीत बताते हुए कहा कि यह आंदोलन स्वास्थ्यकर्मियों के अधिकार और सम्मान के लिए किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है।

🟦 चीफ एडिटर – डे नारायण सिंह बघेल

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!