

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
🟦स्थान जाटलूर
38वीं वाहिनी सीओबी जाटलूर, अबूझमाड़ एरिया में नक्सली डम्प बरामद*
नक्सल विरोधी अभियान के तहत 38वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल को एक बड़ी व महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। अग्रिम सीओबी जाटलूर से संचालित ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छुपा कर रखे गये नक्सल डम्प की खोज में सफलता प्राप्त हुई है। जिसमें हैंड ग्रेनेड, पावर बैंक, डायरी, नक्सल बैनर, नक्सल प्रेस, कैमोफ्लाज बैग, कपड़े (पुरुष व महिला), नक्सल वर्दी, बैडशीट, रैंक (स्टार), टॉर्च, एयर फोन, फोटोग्राफ व दवाइयां बरामद किया गया।
नक्सली डम्प की सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्यवाही करते हुए श्री रोशन सिंह असवाल, कमांडेंट, 38वीं वाहिनी के कुशल मार्गदर्शन में सीओबी जाटलूर से 3.5 कि.मी. पश्चिम में हाइट 669 में एडीपी व बीडीएस टीम के द्वारा ऑपरेशन संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान एडीपी टीम के द्वारा हाइट 669 इलाके के चारों तरफ घेरा डाला गया व एक टीम द्वारा सर्चिंग अभियान चलाया गया। नक्सल डम्प मिलने के उपरांत ऑपरेशन कमांडर श्री राम कुमार मौर्य, सहायक सेनानी/जीडी द्वारा सीओबी जाटलूर में स्थित 38वीं वाहिनी बम दस्ते दल (BDDS TEAM) को तुरंत मौके पर पहुंचने हेतु निर्देशित किया गया ताकि नक्सल डम्प से जवानों को सुरक्षा प्रदान किया जा सके।
वाहिनी बम दस्ते दल द्वारा प्राप्त नक्सल डम्प को सुरक्षा के लिहाज से चेक किया गया। चेक करने के उपरांत सभी नक्सल डम्प को ऑपरेशन टीम द्वारा अपने साथ लेकर कैम्प तक पहुंचे। इस सम्पूर्ण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि व सुरक्षा बलों को क्षति नहीं हुई। बरामद किये गये नक्सल सामग्री को विधिवत जब्ती मेमो तैयार कर पुलिस थाना ओरछा, नारायणपुर को सुपुर्द करने की कार्यवाही की जा रही है ताकि अग्रिम वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
*तलाशी के दौरान बरामद सामग्री:* तलाशी के दौरान नक्सल डम्प से भारी मात्रा में हैंड ग्रेनेड, पावर बैंक, डायरी, नक्सल बैनर, नक्सल प्रेस, कैमोफ्लाज बैग, कपड़े (पुरुष व महिला), नक्सल वर्दी, बैडशीट, रैंक (स्टार), टॉर्च, एयर फोन, फोटोग्राफ व दवाइयां जैसे महत्वपूर्ण सामग्री बरामद हुई है। दुर्गम व संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए कुछ अनुपयोगी सामग्री को मौके पर ही नियमानुसार नष्ट कर दिया गया व बाकी सभी आवश्यक सामान को सुरक्षा मानकों व बीडीडीएस क्लियरेंस के उपरांत सुरक्षित रूप से सीओबी जाटलूर लाया गया है।
38वीं वाहिनी द्वारा भविष्य में भी अबूझमाड़ क्षेत्र की सुरक्षा, विकास व शांति हेतु इसी प्रकार के सघन सर्च ऑपरेशन चलाये जाने की योजना है। यह अभियान न केवल नक्सलियों के लिए भारी आघात है बल्कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत अभियान के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
🟥 चीफ एडिटर – डे नारायण सिंह बघेल













