53 वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा अबूझमाड़ के दूरस्थ गाँवों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर एवं नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का सफल आयोजन

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा अबूझमाड़ के दूरस्थ गाँवों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर एवं नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का सफल आयोजन।
जिला–नारायणपुर, 27 जुलाई 2026 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की 53वीं वाहिनी द्वारा सेनानी, श्री संजय कुमार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में नागरिक कल्याण और जनसेवा के उद्देश्य से सी.ओ.बी. कोडेलियार के कार्यक्षेत्र अंतर्गत दूरस्थ गाँव भाटपारा एवं मिचिंगपारा में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर तथा नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस शिविर में कुल 91 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका उपचार कर आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क वितरित की गईं। उपचारित पशुओं में 15 गाय, 04 बैल, 30 बकरियाँ तथा 42 पोल्ट्री (मुर्गियाँ) शामिल थीं। पशुपालकों को पशुओं के संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण, संक्रामक रोगों की रोकथाम, स्वच्छता तथा वैज्ञानिक पशुपालन संबंधी उपयोगी जानकारी प्रदान की गई, जिससे पशुधन की उत्पादकता एवं स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
कार्यक्रम के दौरान 53वीं वाहिनी के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. के. डी. शर्मा द्वारा नशा मुक्ति विषय पर एक विशेष जागरूकता व्याख्यान भी दिया गया। उन्होंने ग्रामीणों एवं युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली तथा समाज के विकास के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने सभी उपस्थित ग्रामीणों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, शिक्षित एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा सेनानी, श्री संजय कुमार की मानवीय कार्यशैली की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा आयोजित ऐसे पशु चिकित्सा शिविर तथा नशा मुक्ति जागरूकता अभियान दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं, जहाँ पशु चिकित्सा सुविधाएँ सहज उपलब्ध नहीं हो पातीं। यह प्रयास “सेवा, सुरक्षा एवं सद्भाव” की भावना को सुदृढ़ करते हुए स्थानीय समुदाय के साथ विश्वास और सहयोग की नई मिसाल प्रस्तुत करता है।

🟪 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल

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