Breaking News
53 वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल ने जिला नारायणपुर के अति दुर्गम इलाकों में किया वृक्षारोपण अभियान का सफल आयोजन किया घरेलू विवाद में पिता की हत्या करने वाली आरोपी युवती गिरफ्तार मसपुर-गुडरापाल जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता —- हथियार बीजीएल लॉन्चर, बीजीएल गन , 12 बोर राइफल एवं गोला बारूद सहित सामग्री जब्त पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर नारायणपुर में एकदिवसीय सांकेतिक धरना 41वीं वाहिनी आईटीबीपी  द्वारा अबूझमाड़ क्षेत्र (सी०ओ०बी०) कुतुल जिला-नारायणपुर में कलस्टर खेल प्रतियोगिता का सफल आयोजन 41 वीं वाहिनी आईटीबीपी के जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता, सेवा एवं राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया

नारायणपुर के छात्रा ने विंग कमांडर से पूछा सवाल — सर, मैं फाइटर पायलट कैसे बन सकती हूँ — बस्तर में पहली बार स्कूली बच्चों को मिला NCC एयर कैडेट्स जैसा ‘फ्लाइंग एक्सपोजर

🟥 रिपोर्टर –  डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

 

*सर, मैं फाइटर पायलट कैसे बन सकती हूँ?” – नारायणपुर के छात्रा ने विंग कमांडर से पूछा सवाल*
*बस्तर में पहली बार स्कूली बच्चों को मिला NCC एयर कैडेट्स जैसा ‘फ्लाइंग एक्सपोजर’*

नारायणपुर, 22 फरवरी 2026// नारायणपुर जिले के सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों के लिए शनिवार का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ, जब जिला प्रशासन की विशेष पहल से माँ दन्तेश्वरी हवाई अड्डा, जगदलपुर में एक उच्च-स्तरीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। बस्तर के इतिहास में यह संभवतः पहला अवसर था, जब सामान्य स्कूली विद्यार्थियों को NCC एयर कैडेट्स की तर्ज पर व्यावहारिक ‘फ्लाइंग एक्सपोजर’ प्रदान किया गया ताकि वे विमानन की अत्याधुनिक तकनीक और रक्षा सेवाओं में करियर की संभावनाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।
इस भ्रमण के दौरान एक अत्यंत प्रेरक क्षण तब देखने को मिला जब एक जिज्ञासु छात्रा ने भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर से सीधा सवाल किया कि “सर, मैं फाइटर पायलट कैसे बन सकती हूँ?”। छात्रा की इस प्रश्न ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों को प्रभावित किया, जिसके प्रत्युत्तर में विंग कमांडर विवेक कुमार साहू ने राष्ट्र सेवा के इस गौरवशाली पथ की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि एक सफल फाइटर पायलट बनने के लिए शारीरिक दृढ़ता के साथ-साथ शैक्षणिक अनुशासन और तकनीकी विषयों में गहरी रुचि अनिवार्य है।
प्रायोगिक अधिगम के क्रम में बालक बुनियादी मिडिल स्कूल, गरांजी और जवाहर नवोदय विद्यालय के कुल 45 छात्र-छात्राओं को हवाई अड्डे पर तैनात माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट (Microlight Aircraft) का तकनीकी अवलोकन करने का अवसर प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव किसी सपने के सच होने जैसा था जब उन्हें स्वयं एयरक्राफ्ट के कॉकपिट के भीतर बैठने और उसके अत्याधुनिक कंट्रोल पैनल व उपकरणों को करीब से देखने का विशेषाधिकार दिया गया। विंग कमांडर और उनकी तकनीकी टीम ने ‘बेसिक प्रिंसिपल्स ऑफ फ्लाइंग’ पर आयोजित एक विशेष सत्र में छात्रों को समझाया कि किस प्रकार वायुगतिकी (Aerodynamics) के सिद्धांतों और इंजन की शक्ति के समन्वय से विमान आसमान की ऊंचाइयों को छूता है।
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस पूरे भ्रमण के दौरान एयरपोर्ट प्रबंधन और सुरक्षा अधिकारियों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के समापन पर विंग कमांडर द्वारा आयोजित प्रश्नोत्तरी में विमानन और रक्षा तकनीक से जुड़े सही जवाब देने वाले मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत किया गया। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग नारायणपुर के इस संयुक्त प्रयास ने न केवल बच्चों के ज्ञानवर्धन में सहायता की है, बल्कि बस्तर क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं के भीतर भविष्य के प्रति एक नई दृष्टि और देश की रक्षा सेवाओं में शामिल होने की प्रेरणा का संचार किया है।

🟦 चीफ एडिटर –  डे नारायण सिंह बघेल

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!