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मिशनरी पास्टर के खिलाफ कार्रवाई और मतांतरण रोकने की मांग

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

मिशनरी पास्टर के खिलाफ कार्रवाई और मतांतरण रोकने की मांग

ग्रामीणों ने गोंडवाना समाज को सौंपा ज्ञापन, 5वीं अनुसूची क्षेत्र के नियमों के पालन की उठाई मांग

नारायणपुर। ग्राम कुकड़ाझोर के सैकड़ों ग्रामीणों ने गांव में कथित रूप से रह रहे मिशनरी पास्टर के खिलाफ कार्रवाई करने तथा क्षेत्र में कथित धार्मिक मतांतरण की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर गोंडवाना समाज, जिला नारायणपुर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गांव की सामाजिक एवं धार्मिक व्यवस्था तथा शांति बनाए रखने के लिए मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
सामाजिक बैठकों में गांव छोड़ने की बात, फिर भी नहीं गए
ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम कुकड़ाझोर में आयोजित दो सामाजिक बैठकों के दौरान मिशनरी पास्टर फूलसिंह, पिता सोमारू राम, जाति लोहार, निवासी बोरगांव, जिला नारायणपुर को अपने मूल ग्राम बोरगांव वापस जाने के लिए कहा गया था। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय पास्टर ने गांव छोड़ने की बात स्वीकार की थी, लेकिन अब तक उनके द्वारा गांव नहीं छोड़ा गया है।
रात में प्रार्थना सभाएं आयोजित करने का आरोप
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पास्टर द्वारा गांव में रहकर रात के समय घर-घर जाकर प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र की पारंपरिक सामाजिक एवं धार्मिक व्यवस्था के विपरीत बताते हुए संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है।
मतांतरण को लेकर ग्रामीणों ने जताई चिंता
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि गांव के कुछ परिवारों के धार्मिक मतांतरण को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ परिवार अपने मूल धार्मिक परंपराओं में वापस लौटना चाहते थे, लेकिन उन्हें कथित रूप से समझाकर ऐसा करने से रोका गया। ग्रामीणों ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया में करीब 10 परिवार ईसाई धर्म में मतांतरित हुए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गोंडवाना समाज से की गई प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने गोंडवाना समाज से मांग की है कि—
ग्राम कुकड़ाझोर में रह रहे पास्टर फूलसिंह को उनके मूल ग्राम बोरगांव भेजने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
गांव में संचालित होने वाली कथित अवैध प्रार्थना सभाओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
5वीं अनुसूची क्षेत्र में लागू संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
धार्मिक गतिविधियों के कारण गांव की सामाजिक शांति एवं पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल

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