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जिला जेल नारायणपुर में प्रधान न्यायाधीश का औचक निरीक्षण

 

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

*प्रधान न्यायाधीश खिलावन राम रिगरी ने जिला जेल नारायणपुर का किया औचक निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुनी एवं व्यवस्थाओं का लिया जायजा।*

दिनांक 13 सितंबर 2026 को *प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री खिलावन राम रिगरी* के द्वारा जिला जेल नारायणपुर का किया औचक निरीक्षण। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर के समस्त व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन करते हुए बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था स्वच्छता, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा तथा आवासीय व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान *अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नारायणपुर श्री जितेंद्र कुमार ठाकुर, श्रीमती बरखा रानी वर्मा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणपुर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री गायत्री साय, जेल अधीक्षक संजय कुमार नायक, न्यायालय प्रशासनिक अधिकारी श्री आर.एन. नाग, प्रतिधाकर अधिवक्ता श्री चन्द्रप्रकाश कश्यप* उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का त्वरित एवं विधिसम्मत निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिये। उन्होंने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक अथवा अन्य कारणों से अधिवक्ता उपलब्ध न होने की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। आरोपी को जमानत पेश करने के लिए, शपथ पत्र के लिए जेल में नोटरी करने के लिए व्यवस्था की जाएगी। उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार आरोपी को पेशी में न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया गय। इस दौरान जेल अभिलेखों, बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, मुलाकात रजिस्टर, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों का भी अवलोकन किया। माननीय न्यायाधीश ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी बंदियों के संवैधानिक एवं मानवाधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्वक उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान जेल प्रशासन को जेल परिसर में स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने, स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा बंदियों के पुर्नवास एवं सुधारात्मक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
अंत में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक निरीक्षण का उद्देश्य बंदियों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यस्थाओं को का नियमित अनुश्रवण करते हुए किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसका शिघ्र निराकरण सुनिधित करने के निर्देश प्रदान किए।

🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल

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