
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
कब मिलेगा नारायणपुर को अपने अधिकार का 31 करोड़ ⁉️
नारायणपुर के हक के 31 करोड़ डीएमएफ पर कांकेर की सेंधमारी!
मातृ जिला कांकेर पर बड़ा सवाल—हक की राशि रोककर विकास पर डाला ब्रेक
नारायणपुर | – नारायणपुर जिले के अंतर्गत रावघाट परियोजना अंतर्गत केवल जिला नारायणपुर के ग्राम अंजरेल में 32.29 हेक्टेयर क्षेत्र में ही वर्तमान मे शत प्रतिशत खनन कार्य चल रहा है, आने वाले कई दशको तक नारायणपुर में ही खनन किया जाना है कांकेर जिले के भू-भाग में इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक कोई खनन प्रारंभ नहीं हुआ है परंतु दुर्भाग्य की बात है कि यहां के विकास में लगने वाली रॉयल्टी, डीएमएफ तथा अन्य समस्त कर की राशि का भुगतान के लिए बीएसपी ने कांकेर जिले को मातृजिला बनाकर रखा है जिसके चलते नारायणपुर के अधिकार की राशि नारायणपुर को न देकर बीएसपी कांकेर को दे रहा है, नारायणपुर के अधिकार के जो अब तक जिले को 46.81 करोड़ रुपये मिलना था, लेकिन अब तक केवल 15.54 करोड़ रुपये ही मिले हैं। बाकी 31.27 करोड़ रुपये मातृ जिला कांकेर स्तर पर अटके हुए हैं, जिस पर अब सवाल उठने लगे हैं।यह पूर्णत नारायणपुर जिले के विकास कार्यों तथा जनभावना के साथ खिलवाड़ है
हक की राशि पर रोड़ा , 31 करोड़ से ज्यादा अटका
नारायणपुर का अधिकार की लड़ाई लड़ते व पूरे मामले लगातार प्रमुखता से उठाते आ रहे नारायणपुर के युवा लेखक डॉ अभिषेक बेनर्जी बताते है की नारायणपुर में 2020-21 से जनवरी 2026 तक हुए खनिज उत्पादन के आधार पर 46.81 करोड़ रुपये की डीएमएफ राशि बनती है लेकिन वास्तविकता यह है कि अब तक सिर्फ 15.54 करोड़ रुपये ही जारी किए गए हैं। यानी करीब 31.27 करोड़ रुपये अब भी रोके गए हैं।अब सबसे बड़ा सवाल मातृ जिला कांकेर पर उठ रहा है, जहां से यह राशि हस्तांतरित होनी है बावजूद इसके, अब तक पूरी राशि नारायणपुर को नहीं दी गई, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं लगातार 2021 से जो भी कलेक्टर की नारायणपुर जिले में पदस्थापना हुई है उन सभी अपने जिले हक के लिए लगातार पत्र लिख रहे हैं नारायणपुर के वर्तमान कलेक्टर नम्रता जैन ने भी शासन को पत्र लिखकर पूरे लंबित 31.27 करोड़ रुपये जारी करने की मांग की है।
विकास योजनाओं पर सीधा असर
डीएमएफ की राशि से जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और आदिवासी क्षेत्रों के विकास कार्य किए जाते हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये अटकने से कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और विकास की रफ्तार थमने लगी है,नारायणपुर अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है, नवभारत लगातार इस संबंध में दर्जनों बार खबर प्रकाशित कर नारायणपुर की जनता का पक्ष रख रहा है अब देखना होगा कि शासन कब तक कांकेर से यह “अटकी हुई रकम” निकलवाकर न्याय दिलाता है।यह कांकेर की कैसी हठ धर्मिता जो की समझ से परे हैं, कांकेर की हठ धर्मिता अब नारायणपुर जिले वासियों के आक्रोश का कारण बन रही है, नारायणपुर के अधिकार की राशि को रोककर, नारायणपुर जिले की जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के साथ ही साथ,कांकेर जिला छत्तीसगढ़ शासन के आदेश की भी अवहेलना कर रहा है
मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल करेगा मुख्यमंत्री से मुलाकात
जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने स्पष्ट रूप से कहा कि नारायणपुर अपने हक के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है और किसी भी कीमत पर अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगा,उन्होंने बताया कि इस गंभीर मामले को प्रदेश के मंत्री केदार कश्यप ने पूरी संवेदनशीलता के साथ लिया है उनके नेतृत्व में नारायणपुर का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करेगा और पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी उन्हें देगा।जिला पंचायत अध्यक्ष के अनुसार, मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी, ताकि नारायणपुर को उसके हक की पूरी राशि मिल सके और जिले के विकास कार्य बाधित न हों।
🟦 चीफ एडिटर – डे नारायण सिंह बघेल













