
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟦 जिला – नारायणपुर
नारायणपुर जिले की डीएमएफ राशि कांकेर जिले को देने पर विरोध,
जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 7 दिवस में मांग पूरी नहीं तो दिया अनिश्चित कालीन आंदोलन की चेतावनी।
नारायणपुर : नारायणपुर जिले में स्थित खदानों से प्राप्त जिला खनिज न्यास डीएमएफ की राशि को कांकेर जिले को स्थानांतरित करने के विरोध में आज जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम के नेतृत्व में जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि खदानें नारायणपुर जिले की सीमा में स्थित हैं, इसलिए इन खदानों से प्राप्त राजस्व पर पहला अधिकार नारायणपुर की जनता का है। जिले के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित की जाने वाली राशि को किसी अन्य जिले कांकेर में भेजना अनुचित, अन्यायपूर्ण और नियमों के विरुद्ध है। खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास सुनिश्चित करना है। किंतु यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि नारायणपुर जिला प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से खनन गतिविधियों से प्रभावित होने के बावजूद अब तक इसे डीएमएफ की समुचित एवं न्यायोचित राशि आवंटित नहीं की गई है। गौरतलब है कि अंजरेल खदान जिसमें खनन कार्य जारी है, जिसमें 1203.152 हेक्टेयर क्षेत्र नारायणपुर जिला अंतर्गत आता है जबकि कांकेर जिले अंतर्गत 825.645 हेक्टेयर क्षेत्र आता है, जिसमें उक्त कांकेर जिला क्षेत्र में अभी खनन कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। इसके बावजूद आज पर्यंत तक कांकेर जिला को डीएमएफ की संपूर्ण राशि लगभग 58 करोड़ रुपये रावघाट परियोजना (बीएसपी) द्वारा प्रदान किया गया है, इसमें नारायणपुर जिले को केवल 15 करोड़ ही भेजा गया है। चूंकि कांकेर मातृजिला एवं नारायणपुर संबंध जिला होने के फलस्वरूप खनन जिस जिले में प्रारंभ हुआ है उस जिले को प्रथम प्राथमिकता के आधार पर त्रैमासिक राशि अंतरण किया जाना चाहिए था, परंतु उक्त राशि को कांकेर जिला द्वारा नारायणपुर जिला को अंतरित नहीं किया गया है।
ज्ञापन के प्रमुख बिंदु: नारायणपुर जिले को तत्काल प्रभाव से आज पर्यंत तक डीएमएफ की संपूर्ण राशि का अंतरण किया जाए। रावघाट परियोजना अंतर्गत भिलाई स्टील प्लांट का खनिपट्टा का अनुबंध निष्पादन नारायणपुर जिले से किया जावे। यदि उपरोक्त मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय 7 दिवस के भीतर नहीं लिया गया तो हम नारायणपुर जिले के समस्त निवासी विवश होकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण शैली से खनन कार्य को बाधित कर धरना, प्रदर्शन एवं आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे।
इस अवसर पर नारायण मरकाम जिला पंचायत अध्यक्ष, पिंकी उसेंडी जनपद पंचायत अध्यक्ष, संतनाथ उसेंडी जिला पंचायत सदस्य, शांति नेताम, हीना नाग, सुखयारी सलाम, लता कोर्राम, चैतराम जनपद उपाध्यक्ष, कुमेटी, लच्छन कांगे जनपद सदस्य, सुकमन उइके सरपंच, मोतीराम वड्डे, गागरू कोर्राम, भुरवा सलाम, गणेश सोड़ी, रामसाय दुग्गा, लालदाई वड्डे, सुखदू उइके, रैनु सलाम, सोमदेर मंडावी,सहित जिले के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
🟪 चीफ एडिटर – डे नारायण सिंह बघेल














