
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 41वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा माड़ क्षेत्र में वृक्षारोपण अभियान आयोजित
05 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला नारायणपुर के माड़ क्षेत्र में 41वीं वाहिनी, आईटीबीपी द्वारा व्यापक वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान 41वीं वाहिनी के कैंप कस्तूरमेटा, कुतुल, बेड़माकोटी, पदमकोट एवं नेलांगूर में स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर आईटीबीपी के जवानों एवं ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से विभिन्न प्रजातियों के फलदार, छायादार एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु उपयोगी पौधों का रोपण किया। वृक्षारोपण अभियान के दौरान ग्रामीणों को पौधों के संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता के महत्व तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के संबंध में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, हरित आवरण में वृद्धि करना तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करना रहा। इस पहल ने आईटीबीपी एवं स्थानीय समुदाय के मध्य विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ किया।
माड़ क्षेत्र, जो लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहा है, वहां इस प्रकार के पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम शांति एवं सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने इस अभियान की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु निरंतर सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर श्री बेनुधर नायक, कमांडेंट, 41वीं वाहिनी आईटीबीपी ने कहा कि “विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि मानव जीवन, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित बनाते हैं। आईटीबीपी द्वारा माड़ के लोगो के साथ मिलकर चलाया गया यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। माड़ क्षेत्र में हरित विकास, स्वच्छ पर्यावरण और जनभागीदारी को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। हमें विश्वास है कि आज लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र को और अधिक हरित, समृद्ध एवं पर्यावरणीय रूप से संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।”
41वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक विकास एवं जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे क्षेत्र में हरित विकास एवं सामाजिक सहभागिता को और अधिक बल मिल सके।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल













