
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सली विचारधारा के प्रतीकों पर प्रहार : 41वीं वाहिनी आईटीबीपी एवं नारायणपुर पुलिस द्वारा दो नक्सली स्मारकों का ध्वस्तीकरण
दिनांक 04 जून 2026 को नारायणपुर जिले के संवेदनशील माड़ क्षेत्र में शांति, विकास एवं जनविश्वास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 41वीं वाहिनी आई.टी.बी.पी. तथा नारायणपुर पुलिस के संयुक्त प्रयास से ग्राम उसेबेड़ा एवं कस्तूरमेटा-2 में स्थापित 02 नक्सली स्मारकों का सफलतापूर्वक ध्वस्तीकरण किया गया।
इस अभियान में आईटीबीपी के जवानों, नारायणपुर पुलिस तथा स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। ध्वस्तीकरण कार्य जेसीबी मशीन की सहायता से शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से सुरक्षा मानको को ध्यान में रखते हुये संपन्न किया गया। ग्रामीणों ने इसका खुलकर समर्थन किया तथा नक्सलवाद के प्रतीकों को हटाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
माड़ क्षेत्र में ये नक्सली स्मारक लंबे समय से क्षेत्र में नक्सली विचारधारा एवं हिंसात्मक गतिविधियों के प्रतीक के रूप में स्थापित थे। इनके ध्वस्तीकरण को क्षेत्र में नक्सली विचारधारा के क्षरण, लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना तथा विकासोन्मुख वातावरण के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि “अब माड़ क्षेत्र के लोग भय और हिंसा की संस्कृति से मुक्त होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं विकास की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं। स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा बलों एवं प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक सकारात्मक कदम बताया।
41वीं वाहिनी आईटीबीपी एवं नारायणपुर पुलिस द्वारा संचालित यह अभियान न केवल नक्सली प्रतीकों के उन्मूलन का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्र में शांति, विश्वास, जनसहभागिता और विकास की नई चेतना का भी संदेश देता है। यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि माड़ क्षेत्र की जनता अब हिंसा एवं भ्रामक नक्सली विचारधारा को अस्वीकार कर लोकतंत्र, शांति और प्रगति के मार्ग को अपना रही है।
सुरक्षा बल एवं जिला पुलिस भविष्य में भी स्थानीय जनता के सहयोग से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल













