
🟥 रिपोर्टर -डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
41वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा मॉडल ग्राम पदमकोट में कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
श्री बेनुधर नायक, कमांडेंट, 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के मार्गदर्शन में स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से 41वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) द्वारा मॉडल ग्राम पदमकोट में एक कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सीओबी पदमकोट में आयोजित किया गया, जो 41वीं वाहिनी द्वारा पदमकोट ग्राम को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पदमकोट, अबूझमाड़ क्षेत्र का एक दूरस्थ एवं दुर्गम गांव है, जहां अधिकांश ग्रामीण आजीविका के लिए वन उपज पर निर्भर हैं। ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण तथा वैकल्पिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में विभिन्न व्यावसायिक एवं तकनीकी कौशलों की जानकारी प्रदान की गई।
शिविर का आयोजन सीओबी पदमकोट के कमांडर श्री दिनेश, सहायक कमांडेंट, श्री महिपाल (एसी/वेट) तथा निरीक्षक राम यादव के नेतृत्व में किया गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों को इलेक्ट्रिशियन कार्य, राजमिस्त्री कार्य, बढ़ईगीरी (कारपेंट्री) तथा ड्राइविंग जैसे रोजगारपरक कौशलों का व्यावहारिक परिचय एवं प्रशिक्षण संबंधी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए श्री दिनेश, सहायक कमांडेंट ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल रोजगार प्राप्त करने, स्वरोजगार स्थापित करने तथा दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को किसी न किसी कौशल में दक्षता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया तथा बताया कि कौशल विकास के माध्यम से वे अपनी आय में वृद्धि कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
ग्रामीणों को यह भी अवगत कराया गया कि इच्छुक युवाओं एवं ग्रामीणों को इन कौशलों का निःशुल्क प्रशिक्षण सीओबी पदमकोट द्वारा प्रदान किया जाएगा। विशेष रूप से बढ़ईगीरी (कारपेंट्री) एवं इलेक्ट्रिशियन कार्य के प्रशिक्षण की अवधि दो सप्ताह (14 दिन) निर्धारित की गई है, जिसके दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण श्री बेनुधर नायक, कमांडेंट, 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संचालित किया जाएगा।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने आईटीबीपी की इस जनहितकारी पहल की सराहना की तथा इसे गांव के विकास और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। ग्रामीणों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की।
41वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा संचालित यह पहल न केवल ग्रामीणों के कौशल विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि उन्हें स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करेगी। साथ ही, यह प्रयास पदमकोट को एक आदर्श एवं विकसित मॉडल ग्राम के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल













