Breaking News
मसपुर-गुडरापाल जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता —- हथियार बीजीएल लॉन्चर, बीजीएल गन , 12 बोर राइफल एवं गोला बारूद सहित सामग्री जब्त पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर नारायणपुर में एकदिवसीय सांकेतिक धरना 41वीं वाहिनी आईटीबीपी  द्वारा अबूझमाड़ क्षेत्र (सी०ओ०बी०) कुतुल जिला-नारायणपुर में कलस्टर खेल प्रतियोगिता का सफल आयोजन 41 वीं वाहिनी आईटीबीपी के जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता, सेवा एवं राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया पहुंच विहीन इलाका ग्राम कोडोली पंचायत करमरी में लगा माड मैत्री चौपाल एवं विधिक जागरूकता शिविर 53 वीं वाहिनी, आईटीबीपी के सामरिक मुख्यालय परिसर जेलवाड़ी में किया गया स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन

*बंदूक की गूंज नहीं किताबों की खुशबू से महकेगा मरकाबेडा — अबूझमाड़ के बच्चों के लिए खुला शिक्षा का द्वार :शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों को गणवेश, पुस्तक और पोषक आहार वितरित

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

*बंदूक की गूंज नहीं किताबों की खुशबू से महकेगा मरकाबेडा* ,*अबूझमाड़ के बच्चों के लिए खुला शिक्षा का द्वार*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रही मूलभूत सुविधाएं*

*कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में 100 किलोमीटर दूर गांव में शुरू हुई प्राथमिक शाला*

*शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों को गणवेश, पुस्तक और पोषक आहार वितरित*

नारायणपुर, 08 अप्रैल 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर अंचल से नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही अब विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार ने गति पकड़ ली है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे पर केंद्रित प्रयासों का सकारात्मक असर अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

इसी कड़ी में कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में अबूझमाड़ के अति दुर्गम क्षेत्र मरकाबेड़ा में पहली बार प्राथमिक शाला का शुभारंभ किया गया है। ग्राम पंचायत गोमे अंतर्गत स्थित यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर है और कभी नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता था। अब प्रशासन की सक्रियता और योजनाबद्ध प्रयासों से यहां शिक्षा की नई शुरुआत हुई है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है।

मरकाबेड़ा में स्कूल खुलने से कोरोसकोडो सहित आसपास के गांवों के बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें अब शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। स्कूल स्थापना के लिए संकुल समन्वयक, शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मिलकर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच नदी-नालों और पहाड़ियों को पार करते हुए 02 अप्रैल को इस पहल को साकार रूप दिया।

शाला प्रारंभ के अवसर पर बच्चों का शाला प्रवेश उत्सव आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें निःशुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और पोषक आहार वितरित किए गए। इस अवसर पर बच्चों और ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया तथा ग्रामीणों ने इस पहल के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

वर्तमान में इस विद्यालय में 14 बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था की गई है और उनके लिए एक शिक्षक भी नियुक्त किया गया है। यह पहल न केवल शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

🟦 चीफ एडिटर – डे नारायण सिंह बघेल

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!