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कोमा से उम्मीद तक :- जिला अस्पताल डॉक्टरों एवं नर्सो की मेहनत से बचा नन्हा जीवन

🟥 रिपोर्टर  – डे नारायण सिंह बघेल

🟪 जिला – नारायणपुर

*कोमा से उम्मीद तक: जिला अस्पताल डॉक्टरों एवं नर्सो की मेहनत से बचा नन्हा जीवन*

नारायणपुर।
मेटाडोंगरी निवासी 3.5 वर्षीय बालक को 6 दिसंबर 2025 की शाम अत्यंत गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल नारायणपुर में भर्ती कराया गया। परिजनों द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्चे को सर्पदंश की आशंका बताई गई, जिसके आधार पर तत्काल उपचार शुरू किया गया। शुरुआती इलाज से बच्चे की स्थिति में अगली सुबह कुछ सुधार हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों बाद शाम को उसकी हालत फिर तेजी से बिगड़ने लगी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. विनोद भोयार के नेतृत्व में डॉ. आदित्य केकती, डॉ. हिमांशु सिन्हा, डॉ धनराज सिंह डरसेना,डॉ. शिवांगी एवं डॉ. एकता सहित अस्पताल का पूरा चिकित्सा दल तुरंत सक्रिय हो गया। लगातार प्रयासों और बार-बार पूछताछ के बाद परिजनों ने अंततः यह जानकारी दी कि बच्चे ने 24 से 36 घंटे पहले किसी ऑर्गेनोफॉस्फोरस (कीटनाशक) जैसे जहरीले पदार्थ का सेवन किया था।

जहरीले पदार्थ के लंबे समय पहले सेवन के कारण बच्चे की हालत अत्यंत नाजुक हो चुकी थी। बच्चा कोमा जैसी स्थिति में पहुंच गया था, किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। फेफड़ों में तरल भर जाने के कारण उसे सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ हो रही थी और ऑक्सीजन पर रखा गया। जानकारी मिलते ही डॉक्टरों की टीम देर रात तक अस्पताल में डटी रही और आवश्यक उपचार व निगरानी से बच्चे को स्थिर किया गया।

लगातार पांच दिनों तक चले कठिन संघर्ष और गहन चिकित्सा देखभाल के बाद बच्चे ने आखिरकार आंखें खोलीं। यह क्षण डॉक्टरों, नर्सों और परिजनों सभी के लिए राहत और खुशी का था। इसके बाद पांच दिनों के फॉलोअप उपचार के उपरांत बच्चे की हालत में लगातार सुधार हुआ और उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

आईसीयू और शिशु रोग विभाग की नर्सों एवं डॉक्टरों की टीम के अथक प्रयासों से भावुक परिजनों ने आंसुओं के साथ उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. टी. कुंवर ने पूरी चिकित्सा टीम और नर्सिंग स्टाफ को इस जटिल एवं चुनौतीपूर्ण मामले को सफलतापूर्वक संभालने और वर्ष के अंत में एक मासूम को नया जीवन देने के लिए बधाई दी।

🛑 चीफ एडिटर –  डे नारायण सिंह बघेल

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