
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
*53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल द्वारा अबुझमाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में लकड़ी एवं बांस की लंबी पुलिया का किया निर्माण, ग्रामीणों को मिलेगा बड़ा लाभ।*
जिला नारायणपुर, छत्तीसगढ़ के माड़ डिविजन के अति दुर्गम एवं सुदूरवर्ती अबुझमाड़ क्षेत्र में 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल ने वाहिनी की 3 नवीन सी0ओ0बी0 कोडेनार के कार्यक्षेत्र के गाँव वाकुर, भटनार, पैवर, डोगंलपट्टी सी0ओ0बी0 अडिंगपार के कार्यक्षेत्र के गाँव अडिंगपार, धुरबेड़ा, फरसबेड़ा, गुम्मरका, कोडतामारका एवं सी0ओ0बी0 मड़ोड़ा के कार्य क्षेत्र के गाँव मड़ोड़ा, बोटहेर, तोयेमेटा, स्कूलपारा, कुमराड़ी एवं करकापारा गावों के ग्रामीणों ने श्री संजय कुमार, सेनानी 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल से आग्रह किया कि समस्त ग्रामीणों को वर्षा रितु के दौरान नदियों एवं नालों में जल स्तर बढ़ने से स्वास्थ्य, आवागमन एवं अन्य प्रकार की सेवाओं से कट जाने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों की समस्याओ को देखते हुए एवं जनकल्याणकारी भावना से गाँव कुतुल से कोडेनार के बीच लम्बाई 39.62 चौड़ाई 2.74 मीटर का 01 लॉग ब्रिज, कोडेनार से अडिंगपार के बीच लम्बाई 12.192 चौड़ाई 1.82 मीटर, लम्बाई 19.812 चौड़ाई 1.524 मीटर एवं लम्बाई 13.716 चौड़ाई 1.524 मीटर के 03 का लॉग ब्रिज, अडिंगपार से मड़ोड़ा लम्बाई 24.68 चौड़ाई 1.82, लम्बाई 33.528 चौड़ाई 1.83 एवं लम्बाई 12.49 चौड़ाई 1.67 मीटर के बीच 03 कुल 07 लॉग ब्रिजो का सफलता पूर्वक निर्माण करवाया गया।
छत्तीसगढ़ पुलिस के नारायणपुर पुलिस अधीक्षक तथा जिला प्रशासन नारायणपुर के जनकल्याणकारी सहयोग से 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों ने अत्यन्त कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियो के बावजुद अपने अथक परिश्रम, सम्पूर्ण दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए इस पुलों का निर्माण किया। इन लॉग ब्रिजों के निर्माण से लगभग 1200 स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी तथा विशेष रूप से वर्षा रितु के दौरान नदियों एवं नालों में जल स्तर बढ़ने से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी। इन पुलों के माध्यम से ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक इनकी पहुंच में भी सुधार होगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस जनहितकारी पहल के लिए 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल और नारायणपुर पुलिस तथा प्रशासन के प्रति अत्यधिक प्रसन्नता एवं आभार व्यक्त किया। यह पहल न केवल वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा एवं शांति स्थापित करने की दिशा में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बल्कि स्थानीय जनजातिय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के प्रति बल की संवेदलशीलता एवं समर्पण का प्रतीक है।
साथ ही 53वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल भविष्य में भी ऐसी जनकल्याणकारी कार्यों के माध्यम से स्थानीय जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगी।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल













