
🟥 रिपोर्टर डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
हरे भरे पेड़ पौधे प्राकृतिक सुंदरता के नाम से पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ का जिला नारायणपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात हिट ट्रेप जैसे बन गये
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हरे भरे पेड़ पौधे प्राकृतिक सुंदरता के नाम से पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ का जिला नारायणपुर भी भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात हिट ट्रेप जैसे बन गये है अधिकतम तापमान 43डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ इससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी महसूस हो रही है इतने सालों में जिले में पहली बार मई के महीने में इतनी असहनीय गर्मी पड़ रही है।
सुबह 11बजे के बाद से ही सड़कों की आवाजाही नाममात्र की रह जा रही है दोपहर होते होते सड़के सुनसान नजर आने लगता है ऐसा हालात बन गये है मानो जिले में अघोषित हीट कर्फ्यू लागू हो गया हो, दोपहर की गर्मी के चलते बर्फ का गोला बेचने वाले भी नजर नहीं आ रहे है गर्मी में स्कूल बंद होने के चलते बच्चों का जिद तो बरकरार है लेकिन वे भी घरों में दुबक कर मोबाईल, टीवी देखने में मजबूर है बस्तर की खासियत है कि थोड़ी सी भी ज्यादा गर्मी होने पर मौसम करवट बदल के आंधी और बारिश से राहत मिल जाता था लेकिन गर्मी की तपन से जमीन और ज्यादा झुलसाती पछुआ हवाओं के कारण लोगों के शरीर को इस मौसम से रिकवर होने का मौका ही नहीं मिल पा रहा है।
भीषण गर्मी से ए सी, कूलर, पंखे की बिक्री में इजाफा————-***********
इस वर्ष पड़ रहे भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अपने आवश्यकता व बजट को देखते हुए लोग कूलर, ए सी, पंखे जिससे राहत मिल जाए उसको खरीद कर भीषण गर्मी से बचना चाह रहे है
अबूझमाड़ का तापमान बढ़ा रहे खनन और कटते जंगल
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प्रकृति की गोद में बसे अबूझमाड़ में लोहअयस्क का भंडार
*डॉ. विग्नेश कुमार जे*
*एम डी मेडिसिन* ………….
जनता के लिए महत्वपूर्ण सलाह – भीषण गर्मी से बचाव
1. दोपहर की तेज धूप से बचें
* दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक लगातार धूप में काम करने से बचें।
* यदि काम करना जरूरी हो तो बीच-बीच में छांव या ठंडी जगह पर आराम करें।
2. नियमित रूप से पानी पिएं
* प्यास लगने का इंतजार न करें।
* बाहर काम करते समय हर 20–30 मिनट में पानी पिएं।
* ORS, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी एवं नमक-शक्कर वाला घरेलू पेय लाभदायक है।
3. हल्के और ढीले कपड़े पहनें
* हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
* सिर को गमछे, टोपी या कपड़े से ढककर रखें।
* बाहर निकलते समय छाता या स्कार्फ का उपयोग करें।
4. हल्का एवं संतुलित भोजन करें
* अधिक तला-भुना एवं मसालेदार भोजन से बचें।
* तरबूज, खीरा, खरबूजा एवं मौसमी फलों का सेवन बढ़ाएं।
5. शराब एवं अधिक चाय-कॉफी से बचें
* शराब शरीर में पानी की कमी बढ़ाती है।
* अधिक चाय, कॉफी एवं मीठे कोल्ड ड्रिंक्स से डिहाइड्रेशन हो सकता है।
6. हीट स्ट्रोक के खतरे के लक्षण पहचानें
इन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
* तेज बुखार
* अत्यधिक कमजोरी
* चक्कर आना या बेहोशी
* उलझन या व्यवहार में बदलाव
* तेज सिरदर्द
* उल्टी
* तेज गर्मी में भी पसीना कम आना
* मांसपेशियों में ऐंठन
7. विशेष सावधानी किन लोगों को रखनी चाहिए
* बुजुर्ग
* छोटे बच्चे
* गर्भवती महिलाएं
* हृदय, किडनी, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर एवं फेफड़ों की बीमारी वाले मरीज
8. मजदूरों एवं कार्यस्थलों के लिए सलाह
* कार्यस्थल पर छांव एवं आराम की व्यवस्था रखें।
* पीने के पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें।
* साथ काम करने वाले एक-दूसरे की तबीयत पर नजर रखें ताकि हीट स्ट्रोक के लक्षण समय पर पहचाने जा सकें।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल













