
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟪 जिला – नारायणपुर
*जिले भर में उत्साह के साथ मनाया गया पढ़ई तिहार, 396 स्कूलों के 13 हजार से अधिक बच्चों की भागीदारी*
*अंगना में शिक्षा अभियान को मिला जनसमर्थन, माताओं को ‘स्मार्ट माता’ के रूप में सम्मान*
नारायणपुर, कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिले के समस्त शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में 11 अप्रैल को ‘अंगना में शिक्षा’ अभियान के तहत पढ़ई तिहार का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस आयोजन में जिले के लगभग 396 प्राथमिक विद्यालयों के करीब 13,446 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पढ़ई तिहार का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करना, बच्चों में पढ़ने-लिखने और गणना करने की क्षमता को बढ़ावा देना तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 1 से 3 तक के उन विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने एफएलएन मूल्यांकन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि इन विद्यार्थियों की माताओं को भी आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। उन्हें ‘स्मार्ट माता’ के रूप में चिह्नित करते हुए बैच प्रदान किए गए, जिससे शिक्षा में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान मिला और सहभागिता को बढ़ावा मिला।
कलेक्टर नम्रता जैन ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया था कि कार्यक्रम का आयोजन सुव्यवस्थित, सहभागितापूर्ण और उत्साहजनक तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, डीएमसी दीनबंधु रावटे तथा एपीसी कविता हिरवानी ने विकासखंड स्तर पर विद्यालयों का निरीक्षण करते हुए प्राथमिक शाला उड़ीदगांव संकुल उड़ीदगांव एवं प्राथमिक शाला कसावाही में माताओं और अभिभावकों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि ‘अंगना में शिक्षा’ के तहत 9 अलग-अलग काउंटर स्थापित किए गए थे, जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई, लेखन और गणना से जुड़ी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति, पालकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। वहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्रोत समन्वयक, शैक्षिक समन्वयक और संस्था प्रमुखों को कार्यक्रम के सतत निरीक्षण और प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया था कि बच्चों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन के समापन पर सभी विद्यालयों में न्योता भोज का भी आयोजन किया गया, जिससे सामुदायिक सहभागिता और भी मजबूत हुई।
🟦 चीफ एडिटर – डे नारायण सिंह बघेल













