दशकों के नक्सल भय और भौगोलिक बाधाओं को पार कर गाँवों में पहुँच रहे अधिकारी* नियद नेल्लानार के सफल क्रियान्वयन हेतु ‘सुशासन आपके द्वार’ अभियान

🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल

🟦 जिला  – नारायणपुर

 

*दशकों के नक्सल भय और भौगोलिक बाधाओं को पार कर गाँवों में पहुँच रहे अधिकारी* नियद नेल्लानार के सफल क्रियान्वयन हेतु ‘सुशासन आपके द्वार’ अभियान

नारायणपुर 24 फरवरी 2026/अबूझमाड़ दशकों से नक्सल समस्या एवं चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति के कारण शासन की पहुँच से दूर इन सुदूर वनांचलों की दहलीज तक अब जिला स्तर के राजपत्रित अधिकारी पहुँच रहे हैं। कलेक्टर नम्रता जैन द्वारा नियद नेल्लानार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शुरू किया’सुशासन आपके द्वार’ अभियान ।इस नई व्यवस्था के तहत, जिला स्तरीय नोडल अधिकारी अब प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से अपनी आवंटित ग्राम पंचायतों का सघन दौरा कर रहे हैं।
दशकों का संघर्ष और बदलती तस्वीर
अबूझमाड़ क्षेत्र दशकों से न केवल नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहा, बल्कि इसकी अत्यंत कठिन भौगोलिक बनावट—घने जंगल, दुर्गम पहाड़ और बरसाती नाले— विकास कार्यों के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बनी रही। प्रशासनिक पहुँच न होने के कारण यहाँ की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करती रही। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत स्थापित 35 सुरक्षा कैंपों ने अब सुरक्षा का वह कवच प्रदान किया है, जिससे 25 ग्राम पंचायतों के 112 गाँवों के लिए विकास का सुरक्षित मार्ग प्रशस्त हुआ है।
*साप्ताहिक दस्तक: ग्राउंड जीरो पर प्रशासनिक सक्रियता*
कलेक्टर के निर्देशों के अनुपालन में अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर सघन निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. कुंवर स्वयं संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में एस डी एम ओरछा सुमित गर्ग ने आदेर पंचायत, आयुष विभाग से सत्येन्द्र ने नेडनार पंचायत और सहायक पशु चिकित्सक डॉ. दीपेश

रावटे ने मुरनार पंचायत का सघन फील्ड विजिट किया।
इसके साथ ही श्रम अधिकारी अमर सिंह खंडे ने कलमानार, तहसीलदार डॉ. सैयद एजाज हाशमी ने कोहकामेटा, श्रीमती मोनिका ठाकुर ने गारपा, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल ने पांगुड और डिप्टी कलेक्टर सुनील सोनपीपरे ने रायनार ग्राम पंचायत का विस्तृत निरीक्षण किया। दशकों में यह पहली बार हो रहा है जब प्रशासनिक अमला भौगोलिक चुनौतियों को पार कर सीधे ग्रामीणों के बीच राशन दुकानों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर उपस्थित होकर समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर रहा है।
‘सुशासन आपके द्वार’ अभियान की प्राथमिकताएँ:
• दशकों पुराने अलगाव का अंत: प्रशासन और ग्रामीणों के बीच के पुराने भय को खत्म कर सीधा जन-संवाद स्थापित करना।
• बुनियादी सुविधाओं का ऑडिट: साप्ताहिक दौरों के जरिए बिजली, शुद्ध पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना।
• शत-प्रतिशत लाभ (Saturation): आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते और विभिन्न पेंशन योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों को तत्काल जोड़ना।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता अबूझमाड़
साप्ताहिक भ्रमण के दौरान संकलित किए जा रहे वास्तविक आंकड़ों के आधार पर अब क्षेत्र की विशिष्ट भौगोलिक और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार की जा रही है। नियद नेल्लानार योजना और ‘सुशासन आपके द्वार’ अभियान का यह समन्वय अबूझमाड़ को एक ऐसे भविष्य की ओर ले जा रहा है जहाँ आत्मनिर्भरता हर ग्रामीण का अधिकार होगा। बदलते हालात इस बात का प्रमाण हैं कि दशकों के भय और भौगोलिक अलगाव के बाद अब इस क्षेत्र में सुशासन की एक ऐतिहासिक शुरुआत हो चुकी है।

🟪 चीफ एडिटर  – डे नारायण सिंह बघेल

 

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