
🟥 रिपोर्टर – डे नारायण सिंह बघेल
🟦 जिला – नारायणपुर
मासूम मनीष की जिंदगी बचाने आगे आए आईटीबीपी के जवान, सिपाही आवेद अख्तर ने किया स्वैच्छिक रक्तदान
स्थानीय पत्रकार की पहल लाई रंग, 25 किलोमीटर दूर से जिला अस्पताल पहुंचकर जवान ने निभाया मानवता का फर्ज
नारायणपुर। जिला अस्पताल में भर्ती तीन वर्षीय मासूम मनीष नुरेटी, निवासी ग्राम गावड़ी, को रक्त की गंभीर आवश्यकता पड़ने पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान ने मानवता की मिसाल पेश की। बच्चे का ब्लड ग्रुप O पॉजिटिव (O+) है और उसका हीमोग्लोबिन (HB) स्तर मात्र 3.6 ग्राम प्रति डेसीलीटर बताया गया। ऐसी गंभीर स्थिति में रक्त की उपलब्धता नहीं होने पर स्थानीय पत्रकार की पहल से ITBP की 41वीं वाहिनी के सिपाही आवेद अख्तर ने स्वेच्छा से रक्तदान कर बच्चे की मदद की।
जानकारी के अनुसार, बच्चे को रक्त की आवश्यकता की सूचना मिलने पर स्थानीय पत्रकार ने ITBP के अधिकारियों से संपर्क कर सहायता की पहल की। इसके बाद 41वीं वाहिनी के DIG बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में 41वीं वाहिनी के COB कस्तूरमेटा में पदस्थ 34 वर्षीय सिपाही आवेद अख्तर जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला अस्पताल पहुंचे और स्वेच्छा से रक्तदान किया।
संकट की घड़ी में जवान ने निभाया मानवता का फर्ज
मासूम बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए जवान का समय पर आगे आना सराहनीय रहा। रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से जरूरतमंद मरीज की सहायता करने वाले सिपाही आवेद अख्तर की इस पहल की अस्पताल प्रबंधन और मरीज के परिजनों ने प्रशंसा की। उन्होंने स्थानीय पत्रकार तथा ITBP के अधिकारियों एवं जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा और समर्पण की पेश की मिसाल
ITBP के जवानों द्वारा जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना समाज में मानवता, सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। सिपाही आवेद अख्तर ने स्वैच्छिक रक्तदान कर यह संदेश दिया कि वर्दी में देश की सुरक्षा के साथ-साथ जरूरत के समय आम नागरिकों की मदद करना भी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्थानीय पत्रकार की पहल और ITBP के जवान की संवेदनशीलता से सामने आया यह उदाहरण क्षेत्र में सराहना का विषय बना हुआ है।
🟦 प्रधान संपादक – डे नारायण सिंह बघेल












